भगवान कपिल की दिव्य शिक्षाएं: आत्म-साक्षात्कार का परम मार्ग श्रीमद्भागवतम के अनुसार, भगवान कपिल पूर्ण पुरुषोत्तम भगवान श्री कृष्ण के अवतार हैं, जो कर्दम मुनि और देवहूति के पुत्र के रूप में प्रकट हुए। Kapil Dev and Devhuti teachig-भगवान कपिल की दिव्य शिक्षाएं मुख्य रूप से उनकी माता देवहूति को दी गई थीं, जो पदार्थ और आत्मा के बीच के अंतर को समझना चाहती थीं। यह शिक्षाएं हमें भौतिक जगत के अज्ञान से मुक्त कर भक्ति और ईश्वरीय प्रेम की ओर ले जाती हैं। Please Listen this podcast Audio explaining the teachings of Kapildev to Devhuti https://lifedevote.com/wp-content/uploads/2026/05/कपिल_मुनि_का_असली_सांख्य_दर्शन-online-audio-converter.com_.mp3 1. भगवान की…
Author: GANPAT VYAS
तृतीय दिवस भागवत कथा : भक्ति, संघर्ष और भगवान की कृपा परिचय Bhagwat Katha Saptah का तीसरा दिन भक्ति, समर्पण, संघर्ष और भगवान की कृपा के अद्भुत प्रसंगों से भरा होता है। इस दिन भक्त प्रह्लाद की अटल श्रद्धा, गजेन्द्र मोक्ष की करुण पुकार, समुद्र मंथन का दिव्य रहस्य और वामन भगवान की लीला सुनाई जाती है। तीसरे दिन की कथा का विस्तृत अध्ययन करने के लिए कृपया यह वीडियो देखें। https://youtu.be/5LW3610QM8Q ये कथाएँ केवल पौराणिक घटनाएँ नहीं हैं, बल्कि मानव जीवन के गहरे आध्यात्मिक संकेत हैं। तीसरे दिन की कथा हमें सिखाती है कि जब मनुष्य अहंकार छोड़कर भगवान…
Day 2 Bhagwat Katha: भक्ति, वैराग्य और मोक्ष की दिव्य यात्रा परिचय Day 2 Bhagwat Katha -भागवत सप्ताह कथा का दूसरा दिन अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। इस दिन श्रोताओं को केवल धार्मिक कथाएँ ही नहीं सुनाई जातीं, बल्कि जीवन, मृत्यु, भक्ति, वैराग्य और मोक्ष के गहरे रहस्यों का ज्ञान भी दिया जाता है। दूसरे दिन की कथा में राजा परीक्षित, शुकदेव जी, ध्रुव, सती, जड़भरत और अजामिल जैसे महान पात्रों की प्रेरणादायक कथाएँ सुनाई जाती हैं। ये कथाएँ मनुष्य को यह समझाती हैं कि संसार क्षणभंगुर है, लेकिन भगवान का नाम और भक्ति शाश्वत है। भागवत पुराण सप्ताह के…
भागवत कथा का रहस्य : ज्ञान से भक्ति तक की यात्रा Bhagwat Katha का रहस्य – श्रीमद्भागवत महापुराण केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं है, बल्कि यह सनातन धर्म के सबसे पूजनीय और आध्यात्मिक शास्त्रों में से एक है। यह एक दिव्य यात्रा है जो आत्मा को प्रबुद्ध करती है, हृदय को शुद्ध करती है और साधक को सीधे भगवान श्री कृष्ण से जोड़ती है। 12 स्कंधों में विभाजित यह महापुराण “निगम-कल्पतरु” यानी वेदों के कल्पवृक्ष का पका हुआ फल है। पहले दिन की कथा का मुख्य उद्देश्य साधक को सूचना (Information) की दुनिया से निकालकर आत्म-साक्षात्कार (Transformation) की ओर ले…
The Science of Success : आपके भीतर छिपी शक्तियों को जागृत करने का रहस्य क्या आप जानते हैं कि सफलता केवल बाहरी प्रयासों का परिणाम नहीं है, बल्कि यह एक सूक्ष्म मनोवैज्ञानिक प्रक्रिया है? जूलिया सेटन, एम.डी. के अनुसार, The Science of Success सफलता का विज्ञान वास्तव में एक “परिपक्व और सामंजस्यपूर्ण आत्मत्व” (perfected harmonious Self-hood) के विकास का नाम है। जब तक हमारा मन और शरीर ब्रह्मांडीय ऊर्जा के साथ तालमेल नहीं बिठाते, हम अपनी पूर्ण क्षमता को प्राप्त नहीं कर सकते। इस लेख में, हम जूलिया सेटन के गहन शोध के आधार पर जानेंगे कि कैसे अपने आंतरिक…
AI truth about Kalyug: रामायण और महाभारत का गहरा रहस्य आज के आधुनिक युग में हमने ऐसी मशीनें बना ली हैं जो न केवल इंसानों की तरह सोच सकती हैं, बल्कि चित्र बना सकती हैं और जटिल संवाद भी कर सकती हैं। इसे हम Artificial Intelligence (AI) कहते हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि यदि AI प्राचीन भारतीय ग्रंथों जैसे रामायण और महाभारत का विश्लेषण करे, तो वह आज के समय के बारे में क्या कहेगा? AI truth about Kalyug हमें एक ऐसे दर्पण की ओर ले जाता है जहाँ आधुनिक तकनीक और प्राचीन ज्ञान का मिलन होता…
Purshottam Maas stotra : पुरूषोत्तम मास का दिव्य साधना रहस्य अधिमास, जिसे सर्वोच्च मास भी कहा जाता है, सनातन परंपरा में भगवान विष्णु की विशेष पूजा का महीना माना जाता है। यह केवल पंचांग का अतिरिक्त मूल्य नहीं है, बल्कि आत्मशुद्धि, हरि-स्मरण और आध्यात्मिक स्वर्ग का दिव्य अवसर है। शास्त्रों में कहा गया है कि इस काल में जप, पाठ, दान और विष्णु भक्ति Purshottam Maas stotra का फल कई गुना बढ़ जाता है। विशेष रूप से कुछ स्तोत्र और ग्रंथ ऐसे हैं जिनमें अधिमास में अत्यंत पुण्यदायक माना गया है। इनमें विष्णु सहस्रनाम, गज मोक्षेन्द्र, भीष्म स्तवन, अनुस्मृति और…
Purushottam Maass and Adhik Maas का दिव्य रहस्य अधिक मास, जिसे Purushottam Maass और मल मास भी कहा जाता है, हिंदू पंचांग का सबसे रहस्यमय और आध्यात्मिक महीना माना जाता है। यह केवल एक अतिरिक्त महीना नहीं, बल्कि समय, ब्रह्मांड और चेतना के संतुलन का प्रतीक है। जब चंद्र वर्ष और सौर वर्ष के बीच अंतर बढ़ जाता है, तब पंचांग को संतुलित करने हेतु एक अतिरिक्त मास जोड़ा जाता है। यही अधिक मास कहलाता है। भारतीय परंपरा ने इस खगोलीय घटना को केवल गणित नहीं माना, बल्कि इसे आत्मशुद्धि और विष्णु भक्ति का अवसर बना दिया। इसी कारण यह…
Mahabhart Bhishma Parva के युद्ध और गीता का अद्भुत संगम Mahabhart Bhishma Parva का महत्व और महाभारत युद्ध की शुरुआत महाभारत के अठारह पर्वों में छठा पर्व, Mahabhart Bhishma Parva’, सबसे महत्वपूर्ण और दार्शनिक रूप से समृद्ध माना जाता है। यह वह स्थान है जहाँ कुरुक्षेत्र के महान युद्ध की वास्तविक शुरुआत होती है। भीष्म पर्व में कुल 117 अध्याय और 5,884 श्लोक शामिल हैं, जिन्हें 4 उप-पर्वों में विभाजित किया गया है: जम्बुखण्डविनिर्माण पर्व, भूमि पर्व, भगवदगीता पर्व और भीष्मवध पर्व। इस पर्व की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें ‘श्रीमद्भगवद्गीता’ समाहित है, जो अर्जुन के विषाद और…
Mahabharata Bhishm Parva : महाभारत के युद्ध और गीता का अद्भुत संगम Mahabharata Bhishm Parva का महत्व और महाभारत युद्ध की शुरुआत महाभारत के अठारह पर्वों में छठा पर्व, Mahabharata Bhishm Parva सबसे महत्वपूर्ण और दार्शनिक रूप से समृद्ध माना जाता है। यह वह स्थान है जहाँ कुरुक्षेत्र के महान युद्ध की वास्तविक शुरुआत होती है। भीष्म पर्व में कुल 117 अध्याय और 5,884 श्लोक शामिल हैं, जिन्हें 4 उप-पर्वों में विभाजित किया गया है: जम्बुखण्डविनिर्माण पर्व, भूमि पर्व, भगवदगीता पर्व और भीष्मवध पर्व। इस पर्व की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें ‘श्रीमद्भगवद्गीता’ समाहित है, जो अर्जुन के…
