Author: GANPAT VYAS

I am Ganpat Lal Vyas son of late Shri Madan Lal Vyas and late Smt Rukmani Devi. Curiosity has always been the guiding force of my life. I am a science graduate with post-graduation in economics and served in banking for my livelihood. From my early studies, especially science, I was deeply inspired to explore beyond textbooks and classrooms. Though professional life limited deep academic pursuit, the thirst to know never faded. After retirement, I am free to explore the unknown realms of science, philosophy, and existence. This website reflects my lifelong journey of inquiry and learning.

क्या जीवन की हर पीड़ा केवल भाग्य होती है? द्रौपदी का पूर्वजन्म क्या कभी आपको लगा है कि जीवन में कुछ दुःख ऐसे आते हैं जिनका कारण समझ नहीं आता?कभी-कभी वर्षों बाद हमें एहसास होता है कि समस्या परिस्थितियों में नहीं, बल्कि किसी भूली हुई सीख में थी। द्रौपदी का पूर्वजन्म हमें इसी गहरे सत्य की ओर ले जाता है। एक कन्या का अद्भुत संकल्प- द्रौपदी का पूर्वजन्म पूर्वजन्म में वही कन्या, जिसने दुर्वासा ऋषि के उपदेश को स्वीकार नहीं किया था, समय के साथ गहन तपस्या में लग गई। उसका एक ही उद्देश्य था—उसे एक आदर्श पति प्राप्त हो। उसने…

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जब जीवन में कोई सहारा न बचे, तब क्या करें? पुरुषोत्तम मास की कथा क्या आपके जीवन में कभी ऐसा समय आया है जब आपको लगा हो कि अब कोई आपका नहीं है? जब भविष्य अंधकारमय दिखाई दे और हर रास्ता बंद लगता हो? कभी नौकरी छूट जाती है। कभी अपना कोई साथ छोड़ देता है। कभी परिस्थितियाँ इतनी कठिन हो जाती हैं कि मनुष्य स्वयं को पूरी तरह अकेला महसूस करने लगता है। Listen this audio podcast to know more about this story https://lifedevote.com/wp-content/uploads/2026/06/द्रौपदी_का_पिछला_जन्म_और_मल_मास-online-audio-converter.com_-1.mp3 जीवन में कभी-कभी ऐसा समय आता है जब व्यक्ति स्वयं को पूरी तरह अकेला महसूस…

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एक पापी बंदर को कैसे मिला गोलोक? पुरुषोत्तम मास की अद्भुत कथा Purshottam Maas Katha – पुरुषोत्तम मास की महिमा का वर्णन करते हुए शास्त्रों में अनेक ऐसी कथाएँ मिलती हैं जो भगवान की असीम करुणा और इस पवित्र मास के अद्भुत प्रभाव को प्रकट करती हैं। ऐसी ही एक प्रेरणादायक कथा एक कंजूस और पापी ब्राह्मण की है, जिसने जीवनभर कोई पुण्य कार्य नहीं किया, किंतु पुरुषोत्तम मास के प्रभाव से अंततः गोलोक धाम को प्राप्त कर लिया। यह कथा हमें बताती है कि ईश्वर की कृपा और पवित्र समय का प्रभाव कितना महान हो सकता है। कृपया पूरी…

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पुरुषोत्तम मास दीपदान का चमत्कार: मणिग्रीव से राजा चित्रबाहु बनने की कथा पुरुषोत्तम मास की महिमा केवल व्रत और उपवास तक सीमित नहीं है। इस पवित्र मास में किया गया एक छोटा-सा पुण्य कार्य भी मनुष्य के भाग्य को बदल सकता है। पुरुषोत्तम मास माहात्म्य में वर्णित मणिग्रीव और राजा चित्रबाहु की कथा इसी सत्य को प्रकट करती है। यह कथा हमें बताती है कि सच्ची श्रद्धा और पुरुषोत्तम मास दीपदान का साधारण-सा प्रतीत होने वाला कार्य भी जीवन को अंधकार से प्रकाश की ओर ले जा सकता है। राजा दृढ़धन्वा ने महर्षि वाल्मीकि से प्रश्न किया कि पुरुषोत्तम मास…

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श्रीकृष्ण का दिव्य उपदेश Purshottam Maas को भगवान श्रीकृष्ण का प्रिय मास कहा गया है। शास्त्रों में वर्णित है कि इस पवित्र समय में किया गया जप, तप, दान और भक्ति साधारण दिनों की तुलना में अनेक गुना अधिक फल प्रदान करते हैं। पिछले लेख में हमने जाना कि किस प्रकार तिरस्कृत मल मास भगवान की कृपा से पुरुषोत्तम मास बना। अब प्रश्न यह है कि इस दुर्लभ अवसर का लाभ कैसे प्राप्त किया जाए? महाभारत काल में धर्मराज युधिष्ठिर ने भी भगवान श्रीकृष्ण से यही प्रश्न किया था। भगवान ने उन्हें पुरुषोत्तम मास की महिमा बताते हुए कुछ ऐसे…

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पुरुषोत्तम मास की कथा: Purshottam Maas Ki Katha- पुरुषोत्तम मास हिन्दू धर्म में अत्यंत पवित्र और पुण्यदायी माना गया है। परंतु क्या आप जानते हैं कि यह वही मास है जिसे कभी “मल मास” कहकर तिरस्कृत किया जाता था? यह कथा केवल एक मास के सम्मान की नहीं, बल्कि उन सभी लोगों के लिए प्रेरणा है जिन्हें संसार ने कभी अस्वीकार किया हो। पुरुषोत्तम मास का माहात्म्य बताता है कि भगवान की कृपा किसी भी तिरस्कृत को पूजनीय बना सकती है। यह कथा नारद जी, भगवान विष्णु और भगवान श्रीकृष्ण के दिव्य संवाद से प्रारम्भ होती है। इस पॉडकास्ट को…

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सप्तम दिवस श्रीमद्भागवत कथा महात्म्य Bhagwat Katha Saptah- सप्तम दिवस श्रीमद्भागवत कथा सप्ताह का अंतिम और सर्वाधिक भावपूर्ण दिवस माना जाता है। छह दिनों तक भगवान की दिव्य लीलाओं, भक्तों के चरित्रों और धर्म के रहस्यों का श्रवण करने के पश्चात् सातवें दिन कथा अपने परम लक्ष्य – जीव के मोक्ष और भगवान में पूर्ण समर्पण – तक पहुँचती है। यह दिन केवल कथा का समापन नहीं, बल्कि श्रोता के आध्यात्मिक जीवन में एक नई शुरुआत का संकेत भी है। राजा परीक्षित के जीवन का अंतिम समय निकट आ चुका था। सात दिनों तक शुकदेव जी से भागवत श्रवण करने…

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षष्ठम दिवस भागवत कथा: प्रेम, विरह और परमात्मा से मिलन का रहस्य परिचय Bhagwat Katha Saptah 6th day- भक्ति, प्रेम, विरह और ज्ञान का सर्वोच्च शिखर माना जाता है। यदि पंचम दिवस वृंदावन की मधुर लीलाओं का दिवस है, तो षष्ठम दिवस उस प्रेम की पराकाष्ठा का दिन है जहाँ भक्त और भगवान के बीच का संबंध केवल पूजा का नहीं, बल्कि आत्मा और परमात्मा के मिलन का बन जाता है। इस दिन महारास, अक्रूर का ब्रज आगमन, श्रीकृष्ण का मथुरा प्रस्थान, गोपियों का विरह, कंस वध, गुरुकुल शिक्षा, रुक्मिणी विवाह, सुदामा प्रसंग और  जैसी दिव्य कथाएँ सुनाई जाती हैं।…

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पंचम दिवस भागवत कथा: श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का दिव्य आनंद परिचय Bhagwat Saptah Katha -श्रीमद्भागवत सप्ताह कथा का पंचम दिवस अत्यंत मधुर, आनंदमय और भक्तिरस से परिपूर्ण माना जाता है। इस दिन भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं, गोपियों के प्रेम, कालिया नाग के दमन और गोवर्धन लीला का वर्णन किया जाता है। यह दिन भक्तों को केवल कथा नहीं सुनाता, बल्कि वृंदावन की उस दिव्य भूमि में ले जाता है जहाँ हर वृक्ष, हर नदी और हर ध्वनि “राधे-कृष्ण” के प्रेम में डूबी हुई थी। माखन चोरी से लेकर गोवर्धन पर्वत उठाने तक, भगवान श्रीकृष्ण की प्रत्येक लीला मानव…

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Bhagwat saptah चतुर्थ दिवस भागवत कथा: श्रीकृष्ण जन्म की दिव्य लीला परिचय Bhagwat saptah चतुर्थ दिवस अत्यंत आनंदमय और भावनात्मक माना जाता है। इस दिन भगवान श्रीराम के आदर्श चरित्र का संक्षिप्त वर्णन किया जाता है और फिर भक्तों को भगवान श्रीकृष्ण के दिव्य जन्म, जन्मोत्सव, पूतना वध और नामकरण संस्कार की अद्भुत कथाएँ सुनाई जाती हैं। यह दिन केवल कथा नहीं, बल्कि भक्ति, प्रेम और भगवान के अवतरण का उत्सव होता है। कथा स्थल “नंद के आनंद भयो” और “जय कन्हैया लाल की” के जयघोष से गूंज उठता है। भक्तों के हृदय में ऐसा अनुभव होता है मानो स्वयं…

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